How I want me to be remembered #Loveforwritinghindipoems#

मैं बस अस्तित्व में रहना चाहती हूँ,
मुझे याद रखे जाने की कोई चाह नहीं है।
मैं बस ज़िंदगी को वैसे ही देखना चाहती हूँ —
जैसी वो है,
आती हुई,
जाती हुई।   


लोग मुझे बादलों जैसे लगते हैं।
कुछ देर साथ चलते हैं,
थोड़ा-सा बरसते हैं,
और फिर धीरे-धीरे अलग हो जाते हैं।
इसमें कोई शिकायत नहीं है,
बस एक स्वीकार है।

मैं बस इतना चाहती हूँ
कि मैं अस्तित्व में रहूँ —
बिना किसी बोझ के,
बिना किसी भूमिका के,
बिना ये सोचे कि मुझे क्या बनना चाहिए।

मैं अपनी पसंद की चीज़ों को जीना चाहती हूँ —
जो आज छूट गई हैं,
जो आज नहीं कर पा रही हूँ,
पर जो कहीं न कहीं
मेरे अंदर ज़िंदा हैं।

और अगर किसी के लिए मेरा होना ज़रूरी है,
तो वो मेरे भाई और मेरी माँ हैं।
उनके साथ मेरा रिश्ता शब्दों का नहीं,
साँसों का है।
उनसे मेरी मोहब्बत बे-इंतिहा है —
बिना सवाल,
बिना शर्त।

बस जब मैं यहाँ हूँ,
तो मैं पूरी हूँ।
शांत हूँ।
और अपनी हूँ। 

-Written by Shrejal G. K

Also my first poem in Hindii

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